उत्तराखंड: अपर निजी सचिव भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी, आयोग ने भेजा परिणाम
उत्तराखंड में सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं को लेकर अहम अपडेट सामने आए हैं। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अपर निजी सचिव समेत विभिन्न पदों पर भर्ती का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया है।
आयोग द्वारा अपर निजी सचिव, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य पदों के लिए लिखित परीक्षा 8 दिसंबर 2024 को आयोजित की गई थी। इसके बाद चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए टंकण (टाइपिंग) और आशुलेखन (शॉर्टहैंड) की परीक्षाएं तीन चरणों में अलग-अलग तिथियों पर कराई गईं।
इन सभी चरणों के प्रदर्शन के आधार पर आयोग ने श्रेष्ठता सूची (मेरिट लिस्ट) जारी की और 16 से 20 मार्च के बीच अभ्यर्थियों का अभिलेख सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) कराया। इस दौरान उम्मीदवारों से विभागों की वरीयता (प्रेफरेंस) भी ली गई, ताकि अंतिम नियुक्ति विभागवार की जा सके।
आयोग के सचिव एनएस डुंगरियाल के अनुसार, सभी विभागों के लिए अंतिम चयन की संस्तुति भेज दी गई है। हालांकि, कुछ पद ऐसे भी थे जिनके लिए हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी आशुलेखन में भी उत्तीर्ण होना अनिवार्य था। इन पदों के लिए कोई भी अभ्यर्थी अंग्रेजी आशुलेखन में अर्ह नहीं हो सका, जिसके कारण वे पद फिलहाल रिक्त रह गए हैं।
इधर, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से जुड़ा भी एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। पीसीएस परीक्षा के अंतर्गत शहरी विकास विभाग में सहायक नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारी के सात पद शासन द्वारा वापस ले लिए गए हैं। इस संबंध में शासन ने आयोग को पत्र भेजा था। अब वर्तमान पीसीएस भर्ती प्रक्रिया में कुल 116 पदों पर ही चयन किया जाएगा।
वहीं, राज्य में प्रवक्ता भर्ती परीक्षाओं का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है। उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग समूह-ग) के तहत चार विषयों की मुख्य लिखित परीक्षाएं मई में आयोजित होंगी। भौतिक शास्त्र की परीक्षा 9 मई को होगी, जिसके प्रवेश पत्र जारी किए जा चुके हैं। नागरिक शास्त्र की परीक्षा 10 मई को होगी और इसके प्रवेश पत्र 25 अप्रैल को जारी होंगे। हिंदी विषय की परीक्षा 30 मई तथा इतिहास की परीक्षा 31 मई को प्रस्तावित है, जिनके प्रवेश पत्र क्रमशः 15 और 16 मई को जारी किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, राज्य में भर्ती प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, हालांकि कुछ पदों के लिए निर्धारित योग्यता पूरी न होने के कारण सीटें खाली भी रह गई हैं।
